हमारे परिवेश के पदार्थ
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. उदाहरण के साथ ‘पदार्थ’ की परिभाषा लिखें|
उत्तर:- कोई भी वस्तु जो कुछ स्थान घेरे जिसमें द्रव्यमान एवं आयतन हो और जो अवरोध उत्पन्न करे, पदार्थ कहलाता है|जैसे- लकड़ी, कागज, बर्फ
2. उदाहरण के साथ द्रव्य की परिभाषा करें|
उत्तर:-द्रव्य एक प्रकार का पदार्थ है जिसे किसी भी भौतिक प्रक्रिया की सहायता से पदार्थ के अन्य प्रकारों में विभक्त नहीं किया जा सकता है|जैसे- चीनी
3. ठोस एवं द्रव में कोई अंतर लिखें|
उत्तर:- ठोस-
(क)ठोस पदार्थ के आकृति निश्चित होते हैं|
(ख) ठोस पदार्थ में बहाव की प्रवृत्ति नहीं होती है|
(ग) ठोस पदार्थों के द्रवणांक एवं क्वथनांक प्रायः उच्च होते हैं|
द्रव-
(क)इसकी आकृति अनिश्चित होती है|
(ख) द्रव पदार्थ में बहाव की प्रवृत्ति होती है|
(ग) द्रवों के द्रवणांक और क्वथनांक प्रायः कम होते हैं|
4. उर्ध्वपातन क्या है? किन्हीं तीन द्रव्यों के नाम लिखें जो गर्म किये जाने पर उर्ध्वपातित हो जाते हैं?
उत्तर:-उर्ध्वपातन वैसी प्रक्रिया है जिसमें कोई ठोस पदार्थ गर्म किये जाने पर बिना द्रव रूप में परिणत हुये सीधे वाष्प की अवस्था में बदल जाता है और उस वाष्प को ठण्डा करने पर वह बिना द्रव रूप में परिणत हुये सीधे ठोस की मूल अवस्था में परिवर्तित हो जाता है|जैसे- अमोनियम क्लोराइड, आयोडीन तथा कपूर
5. द्रव के हिमांक से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:-वह ताप जिसपर कोई पदार्थ द्रव की अवस्था से ठोस की अवस्था में परिवर्तित होता है, द्रव का हिमांक कहलाता है और यह प्रक्रिया द्रव का जमना कहलाती है|
6. द्रवण की गुप्त ऊष्मा क्या है?
उत्तर:-द्रवणांक पर किसी पदार्थ के ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में परिवर्तित होने पर जितनी ऊष्मा अवशोषित होती है उसे द्रवण की गुप्त ऊष्मा कहते हैं|
7. वाष्पन की गुप्त ऊष्मा से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:-क्वथनांक पर किसी द्रव के गैस में परिवर्तित होने पर जितनी ऊष्मा का अवशोषण होता है, उसे वाष्पन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं|
8. आप कैसे सिद्ध करेंगे कि वाष्पन से ठण्डक उत्पन्न होती है?
उत्तर:-वाष्पन की क्रिया द्रव के सतह पर होती है, सतह पर वाले द्रव के कण द्रव के भीतरी भाग से ऊष्मा ऊर्जा ग्रहण करके अत्यधिक ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं जिससे ये गैस के रूप में वायु में चले जाते हैं|इससे द्रव का ताप कम हो जाता है और वह ठण्डा हो जाता है|
जैसे- अपनी हथेली पर एक या दो बूंद स्पिरिट या ईथर रखें|हथेली पर आप ठंडक का अनुभव करेंगे|इसका कारण यह है कि हथेली पर रखे इन द्रवों का वाष्पन होता है|इसके लिए आवश्यक ऊष्मा हमारी हथेली से प्राप्त होती है अतः हथेली ठंडी हो जाती है|
9. संघनन क्या है? गैस का संघनन कैसे किया जाता है?
उत्तर:-पदार्थ के गैसीय रूप का द्रव में परिवर्तन गैस का संघनन कहलाता है| गैस पर दाब बढाकर या उसका ताप कम करके संघनन किया जा सकता है|गैस पर दाब बढाने पर गैस के कण परस्पर काफी निकट आ जाते हैं जिससे अन्तराण्विक स्थान घट जाते हैं|ऐसा होने से गैस कणों के बीच अन्तराण्विक आकर्षण बल काफी बढ जाता है जिससे गैस द्रव रूप में परिवर्तित हो जाती है|
10. वाष्पन और क्वथन में अन्तर स्पष्ट करें|
उत्तर:- वाष्पन-
(क) यह एक स्वत: होने वाली प्रक्रिया है जो सभी तापों पर होती रहती है|
(ख) यह द्रव के सिर्फ ऊपरी सतह पर ही होता है, द्रव के भीतरी भागों में नहीं|
क्वथन-
(क) यह एक निश्चित ताप पर ही होता है, जिसे द्रव का क्वथनांक कहते हैं|
(ख) यह सम्पूर्ण द्रव में होता है जिसमें द्रव के भीतरी भागों से बुलबुले निकलते रहते हैं|
11. गैस के दाब से आप. क्या समझते हैं?
उत्तर:-बर्तन की दीवारों के प्रति इकाई क्षेत्रफल पर गैस के कणों द्वारा आरोपित बल गैस का दाब कहलाता है|
12. ठोस पदार्थ की आकृति और आयतन निश्चित क्यों होते हैं?
उत्तर:-ठोस पदार्थ आकृति और उसके आयतन निश्चित होते हैं क्योंकि ठोस पदार्थों के कण एक दूसरे के निकट आ सकते हैं और न दूर ही जा सकते हैं|अत: ठोस पदार्थ की आकृति कायम रहती है और इसी कारण उसका आयतन भी स्थिर रहता है|
13. द्रव का वाष्पन कैसे होता है?
उत्तर:-द्रव के कण अनवरत गमन करते तथा परस्पर टकराते रहते हैं, वायु में खुला छोड़ देने पर वे वायु के कणों के साथ भी टकराते है|ऐसी अवस्था में द्रव की सतह वाले द्रव कण अतिरिक्त ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं|इनकी ऊर्जा इतनी बढ़ जाती है कि इनपर द्रव के भीतरी कणों का आकर्षण समाप्त हो जाता है|फलतः ये कण जल की सतह को छोड़कर वाष्प में परिवर्तित होकर वायु में चले जाते हैं|
14. पदार्थ की प्लाज्मा अवस्था की क्या उपयोगिता है?
उत्तर:-पदार्थ की प्लाज्मा अवस्था की उपयोगिता बहुत ही महत्वपूर्ण है, इस अवस्था का उपयोग प्रतिदीप्त ट्यूब और नियान संकेत वाले बल्ब के निर्माण में किया जाता है|प्रतिदीप्त ट्यूब में हीलियम या कुछ अन्य गैस भरी रहती है|गैस से होकर विद्युत धारा प्रवाहित होने पर विशिष्ट रंगयुक्त उद्दीप्त उत्पन्न होते हैं| यह रंग विशिष्ट गैस की प्रकृति पर निर्भर करती है|
15. निम्नलिखित के लिए कारण बतायें-
(क)गर्म पके हुए खाद्य पदार्थ की गंध का एहसास हमें कुछ दूरी से ही हो जाता है, ठण्डे खाद्य पदार्थ की गंध का एहसास हमें उसके निकट जाने पर ही होता, क्यों?
उत्तर:-तापमान बढने से कणों की गति तेज हो जाती है|अत: गर्मागरम खाने की गंध कयी मीटर दूर से ही पहुँच जाती है|ठंडे खाने की महक लेने के लिए उसके पास जाना पड़ता है|क्योंकि कम तापमान पर कणों की गति कम हो जाती है|
(ख) बिना कोई अवशेष छोड़े ही कपूर गायब हो जाता है, क्यों?
उत्तर:-कपूर का उर्ध्वपातन होता है जिससे वह सीधे ही गैस अवस्था में परिवर्तित हो जाता है|
(ग) बरतन की दीवार पर गैस दाब आरोपित करता है, क्यों?
उत्तर:-गैस के अणु बहुत तेज गति से इधर उधर घूमते रहते हैं जिससे बर्तन की दीवारों पर टकराकर दबाव डालते हैं|
(घ) क्वथनांक पर द्रव का ताप स्थिर रहता है, क्यों?
उत्तर:-क्योंकि गर्म करने पर जब द्रव का पूरा वाष्प में नहीं बदल जाता तबतक द्रव का ताप क्वथनांक पर स्थिर रहता है|
(ड़) गर्मी के दिनों में हम सफेद वस्त्र पहनना पसंद करते हैं, क्यों?
उत्तर:-काली या गाढ़े रंग वाली वस्तुयें सफेद या हल्के रंगों वाली वस्तुओं की तुलना में अधिक मात्रा में ऊष्मा का अवशोषण करती हैं, इसलिए गर्मी के दिनों में लोग सफेद वस्त्र पहनना अधिक पसंद करते हैं|
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