पदार्थ का वर्गीकरण
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. निम्नलिखित पदार्थों का तत्व, यौगिक और मिश्रण में वर्गीकृत करें-
(क)जस्ता (ख) समुद्र का जल (ग) सोडियम बाइकोर्बोनेट (घ) मिट्टी (ड़) साबुन (च) कोयला (छ) कागज (ज) ऐल्कोहॉल (झूठ) ग्रेफाइट
उत्तर:-तत्व- जस्ता, ग्रेफाइट
यौगिक- सोडियम बाइकार्बोनेट
मिश्रण- मिट्टी, कोयला, अलकोहल, समुद्र का जल, साबुन, कागज
2. निम्नलिखित में भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों की पहचान करें|
(क)एक बच्चे का विकास (ख) दूध का दही बनना (ग) मोम का पिघलना (घ) लकड़ी का जलना
उत्तर:- भौतिक परिवर्तन- मोम का पिघलना
रासयनिक परिवर्तन- दूध का दही बनना, लकड़ी का जलना, एक बच्चे का विकास
3. तत्व और यौगिक में कोई दो अन्तर बतायें|
उत्तर:-तत्व-(क) यह वह पदार्थ है जिसे दो या अधिक विभिन्न पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता है|
(ख) यह एक ही प्रकार के परमाणुओं का बना होता है|
यौगिक-(क)इसे रासयनिक विधियों द्वारा दो या अधिक विभिन्न गुणवाले पदार्थों में विभक्त किया जा सकता है|
(ख) यह विभिन्न प्रकार के परमाणुओं का बना होता|
4. मिश्रण के किन्हीं दो गुणों को लिखें|
(क) मिश्रण के बनने में प्रायः ऊर्जा का न तो उत्सर्जन होता है न अवशोषण ही-
उत्तर:-चीनी और बालू को एक साथ मिला देने पर कोई ऊर्जा परिवर्तन नहीं होता अर्थात् ऊर्जा का न तो उत्सर्जन होता है और न ही अवशोषण|
(ख) मिश्रण का संघटन निश्चित नहीं होता है-
उत्तर:-मिश्रण के विभिन्न भागों में उसके अवयवों का अनुपात भिन्न भिन्न होता है|मिश्रण में इसके अवयव किसी भी अनुपात में उपस्थित रह सकते हैं|
5. विलेय और विलायक में क्या अंतर है? स्पष्ट करें|
उत्तर:- विलेय- जो पदार्थ में घुलकर विलयन बनाता है वह विलेय कहलाता है|
विलायक- जिस द्रव में किसी पदार्थ को घुलाया जाता है, उस द्रव को विलायक कहते हैं|
6. आप कैसे समझते हैं कि आक्सीजन एक तत्व है?
उत्तर:-आक्सीजन एक तत्व है, क्योंकि अबतक आक्सीजन में किसी भी अन्य तत्व की उपस्थिति नहीं पायी गयी है|जब शुद्ध आक्सीजन की अभिक्रिया शुद्ध हाइड्रोजन के साथ करायी जाती है तो सिर्फ जल बनता है| इन्हीं कारणों से आक्सीजन को एक तत्व माना जाता है|
7. किन्हीं चार उपयोगी मिश्रणों का उल्लेख करें|
उत्तर:-आक्सीजन, दूध, जल, और मिट्टी
8. जलीय विलयन और अजलीय विलयन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- जलीय विलयन- किसी पदार्थ को जल में घुलाकर जो विलयन बनता है उसे जलीय विलयन कहते हैं|जैसे- नमक, अमोनियम क्लोराइड और कापर सल्फेट के जल में बने विलयन इन पदार्थों के जलीय विलयन हैं|
अजलीय विलयन- कुछ ऐसे भी पदार्थ हैं जो जल के अतिरिक्त अन्य द्रवों में घुलकर विलयन बनाते हैं|जैसे- अल्कोहल ऐसीटोन, कार्बन डाइऑक्साइड और डाइसल्फ़ाइड से बने विलयन अजलीय विलयन कहते हैं|
9. वास्तविक विलयन की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख करें-
उत्तर:-(क) विलयन स्वच्छ एवं पारदर्शी होता है|जैसे- नमक का जल में विलयन एवं पारदर्शी होता है|
(ख) विलयन को कुछ समय तक स्थिर छोड़ देने पर भी घुल्य के कण नीचे नहीं बैठते हैं|
10. असंतृप्त विलयन से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:- किसी निश्चित ताप पर बना वह विलयन जिसमें घुल्य की और अधिक मात्रा उस ताप पर गुलामी जा सकती है, असंतृप्त विलयन कहते हैं|
11. असंतृप्त विलयन और संतृप्त विलयन में क्या अंतर है? स्पष्ट करें|
उत्तर:- संतृप्त विलयन- किसी निश्चित ताप पर बना वह विलयन जिसमें घुल्य की अधिकतम मात्रा घुली हो, संतृप्त विलयन कहलाती है|
असंतृप्त विलयन- असंतृप्त विलयन में घुल्य की और अधिक मात्रा उस ताप पर गुलामी जाती है|
12. अतिसंतृप्त विलयन क्या है?
उत्तर:-वह संतृप्त विलयन जिसमें घुल्य की मात्रा उस विलयन को संतृप्त करने के लिए आवश्यक घुल्य की मात्रा से अधिक घुली हुयी हो, अतिसंतृप्त विलयन कहलाता है|
13. किसी पदार्थ की विलेयता की परिभाषा दें| विलेयता पर ताप और दाब का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:-एक निश्चित ताप पर 100 ग्राम विलायक को संतृप्त करने के लिए किसी पदार्थ की जितनी मात्रा (ग्राम में) की आवश्यकता होती है, उसे उस ताप पर उस पदार्थ की विलेयता कहते हैं|
विलेयता पर ताप का प्रभाव- साधारण: ठोस पदार्थ की जल में विलेयता ताप बढ़ने से बढती है| उदाहरण- पोटैशियम नाइट्रेट, अमोनियम ब्रोमाइड|कुछ ऐसे भी ठोस पदार्थ हैं जिनकी विलेयता ताप बढ़ने से घटती है|उदाहरण- सोडियम सल्फेट, कैल्शियम हाइड्राक्साइड|
विलेयता पर दाब का प्रभाव- किसी द्रव में ठोस पदार्थ की विलेयता पर दाब का प्रभाव बहुत ही कम पड़ता है|जैसे- दाब बढ़ने पर जल जल में सोडियम क्लोराइड की विलेयता में बहुत ही कम वृद्धि होती है| किन्तु द्रव में किसी गैस की विलेयता पर दाब का बहुत ही अधिक प्रभाव पड़ता है|दाब बढाने पर विलेयता बढती है और दाब कम करने पर विलेयता घटती है|जैसे- सामान्य दाब पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस जल में अधिक विलेयता नहीं है, किन्तु उच्च दाब पर यह अत्यंत विलेय हो जाती|सोडावाटर की बोतल में उच्च दाब पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस जल में घुली रहती है| इसलिए इसके बोतल का मुंह खोल देने पर तीव्र फदफदाहट के साथ कार्बन डाइऑक्साइड गैस बाहर निकलने लगती है|
14. दो अलग अलग परखनलियों में से एक में नमक का जल में असंतृप्त विलयन और दूसरे में संतृप्त विलयन रखा गया है|उनकी पहचान आप कैसे करेंगे?
उत्तर:-यह जांच करने के लिए विलयन संतृप्त है या संतृप्त इसके लिए उस विलयन में थोड़ा घुल्य डालकर कांच की छड़ से अच्छी तरह मिलायें| यदि घुल्य घुल जाता है तब विलयन असंतृप्त माना जाता है, अन्यथा संतृप्त|
15. कोलाइडी विलयन क्या है?
उत्तर:-कोलाइडी किसी वास्तविक विलयन एवं निलंबन के बीच की स्थिति होती है|न तो यह वास्तविक विलयन होता है और न निलंबन अर्थात न तो इसमें विलेय के कण द्रव में पूरी तरह घुलते है और न इस प्रकार निलंबित रहते हैं कि न हिलाने पर तली में बैठ जाएं| कोलाइड में ठोस कणों का आकार (10)-9 मीटर से (10)-6 मीटर के बीच होता है| कोलाइड में द्रव माध्यम, परिक्षेपण माध्यम कहलाता है तथा घुले हुए कण परिक्षिप्त प्रावस्था कहलाते हैं|
जैसे- दूध, रक्त, लिखने वाली स्याही तथा साबुन के झाग
16. निम्नलिखित में प्रत्येक का उदाहरण दें-
पायस-दूध
जेल-मक्खन
एरोसाल-कुहासा
झाग-साबुन
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